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Showing posts from October, 2020

Story 3) - Anger Very Deadly(क्रोध बड़ा घातक )

 * !!  Anger very deadly !*          A saint was running his life with food found in alms.  He used to go to different villages every day and ask for alms.  One day he came to the elder Seth of the village to beg for alms.  Seth (Richman)gave a little grain to the saint and said that Guruji I want to ask a question.    The saint took the grain from Seth(Richman) and said okay ask.  Seth said that I want to know why people fight.  The saint (Richman)kept quiet for a while and then said that I have come here to take alms, did not come to answer your silly questions.  Seth became very angry on hearing this.  He lost control of himself and said what kind of a saint you are, I donated and you are telling me like this.  Seth angrily told the saint a lot.  The saint was listening quietly.  He did not turn back even once.  After some time, Seth's anger subsided, then the saint told him that broth...

Story - 2) बाप बेटी का रिश्ता (Relation Between father - girl)

एक घर में एक बेटी 👧 ने जनम लिया,  जन्म होते ही माँ का स्वर्गवास हो गया।  बाप ने बेटी को 👧 गले से लगा लिया रिश्तेदारों ने लड़की के जन्म से ही ताने मारने शुरू कर दिए कि पैदा होते ही माँ को खा गयी  पर बाप ने कुछ नही कहा अपनी बेटी को, बेटी का पालन पोषण शुरू किया, खेत में काम करता और  बेटी को भी खेत ले जाता, काम भी करता और भाग कर बेटी को 🧒 भी  संभालता। रिश्तेदारों ने बहुत समझाया के दूसरा विवाह कर लो पर बाप ने किसी की नही सुनी और पूरा धयान बेटी की और रखा। बेटी बड़ी हुयी स्कूल गयी फिर कॉलेज। हर क्लास में फर्स्ट आयी। बाप बहुत खुश होता 😊 लोग बधाइयाँ देते। बेटी अपने बाप के साथ खेत में काम करवाती, फसल अच्छी होने लगी, रिश्तेदार ये सब देख कर चिढ़ गए। 🤨☹️ जो उसको मनहूस कहते थे वो सब चिढ़ने लग गए। लड़की एक दिन अच्छा पढ़ लिख कर पुलिस में SP बन गयी। एक दिन किसी मंत्री ने उसको सम्मानित करने का फैसला लिया और समागम का बंदोबस्त करने के आदेश दिए। समागम उनके ही गाँव में रखा गया।  मंत्री ने समागम में लोगों को समझाया की  बेटा बेटी में फर्क नही करना चाहिए, बेटी भी वो सभ कर सकती ...

Story 1.) बुद्धिमान हंस (A Clever Goose)

एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पेड़ पर बहुत सारे हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था, बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी। सब उसका आदर करते ‘ताऊ’ कहकर बुलाते थे। एक दिन उसने एक नन्ही-सी बेल को पेड़ के तने पर बहुत नीचे लिपटते पाया। ताऊ ने दूसरे हंसों को बुलाकर कहा, देखो, इस बेल को नष्ट कर दो। एक दिन यह बेल हम सबको मौत के मुंह में ले जाएगी। एक युवा हंस से हंसते हुए बोला, ताऊ, यह छोटी-सी बेल हमें कैसे मौत के मुंह में ले जाएगी? सयाने हंस ने समझाया, आज यह तुम्हें छोटी-सी लग रही है। धीरे-धीरे यह पेड़ के सारे तने को लपेटा मारकर ऊपर तक आएगी। फिर बेल का तना मोटा होने लगेगा और पेड़ से लपट जाएगा, ऐसे में पेड़ पर चढ़ने के लिए नीचे से ऊपर तक सीढ़ी बन जाएगी। कोई भी शिकारी सीढ़ी के सहारे चढ़कर हम तक पहुंच जाएगा और हम सभी मारे जाएंगे। दूसरे हंस को यकीन न आया, एक छोटी-सी बेल कैसे सीढ़ी बनेगी? तीसरा हंस बोला, ताऊ, तू तो एक छोटी-सी बेल को खींचकर ज्यादा ही लंबा कर रहा है। एक हंस बड़बड़ाया और बोला- यह ताऊ अपनी अक्ल का रौब डालने के लिए अंट-शंट कहानी बना रहा है। इस प्रकार किसी दूसरे हंस ने ताऊ की बात को गंभीरता से नहीं लिया। इ...